English Language Training

दोस्तों मैं बठिंडा शहर में उन दिनों (1992) में जनरल इंग्लिश की ट्रेनिंग देता था, जब शहर में कोई भी दूसरा टीचर ऐसी ट्रेनिंग नहीं देता था. सब लोग सिर्फ अकादमिक कोचिंग देते थे.

तब मैंने करीब 10 वर्ष सेकड़ों स्टूडेंट्स को इंग्लिश में माहिर किया है. उसमें से बहुत आज भी फॉरेन कन्ट्रीज में बैठे हैं और कभी कभी संपर्क भी करते हैं. तब यह Ielts का कोई नामो निशाँ नहीं था.

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उसके बाद जब 2000 के आसपास बठिंडा में जगह जगह इंग्लिश के टीचर निकल आये (जो भी 6 बैंड ले लेता था, इंग्लिश का टीचर बन जाता था), तब, मेरी मैरिज के बाद, कुछ हालात ऐसे बने की मैंने बठिंडा शहर छोड़ दिया. और उसके बाद कंप्यूटर और एकाउंट्स की लाइन में रहा.

आज पोजीशन यह है की, मैं इंग्लिश पढ़ा सकता हूँ (इस गारंटी के साथ की जिसने मेरे पास 6 महीने, 1 साल लगा लिया, उसको ज़िन्दगी में फिर कभी, किसी भी क्लास में इंग्लिश पढने की जरूरत नहीं पड़ेगी), लेकिन उसके लिए आपको 4 स्टूडेंट्स का ग्रुप खुद बनाना पड़ेगा, वरना नहीं (सॉरी).